दर्शनीय माण्डू - एक परिचय

जिला मुख्यालय धार से 35 कि. मी. दुरी पर बसी इतिहास के मध्यकाल कि नगरी माण्डू आज भी अपने गौरवपूर्ण अतीत का स्मरण कराती हैं| माण्डू को पुरातन कल मे मण्डपगिरी, मण्डपाचल तथा माण्डवदुर्ग या मण्डपदुर्ग के नाम से भी जाना जाता था| कुछ मुग़ल शासको ने इसका नाम शादियाबाद (आनंद कि नगरी) रखा था| लगभग 1200 एकड़ के क्षेत्र मे फैला यह दुर्ग एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा दुर्ग माना जाता हैं| पुरातात्विक एवं प्राकृतिक सोंदर्य कि धरोहर माण्डू नगरी बरसो से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं| खासकर आलमगीरी, दिल्ली दरवाजा से लेकर कुल 12 प्रवेश द्वार, गहरी खाई नुमा कांकड खो, सात कोठडी, जामा मस्जिद, ताजमहल निर्माण का प्रतिक होशंगशाह का मकबरा तथा प्रणय गाथा को समेटे रानी रूपमती एवं बाजबहादुर के साथ-साथ अन्य जीर्ण-शीर्ण इमारते भी अपनी दन्तकथाओं से तथा वास्तुकला कि विशेषताओं से पर्यटकों को आनंद प्रदान करती हैं|

माण्डू उत्सव

माण्डू कि सांस्कृतिक धरोहर को लोगो तक पहुचानें के लिए पिछले कई वर्षों से नवंबर-दिसंबर माह मे माण्डू उत्सव का आयोजन होता रहा हैं| तीन दिवसीय यह उत्सव उस्ताद अलाउददीन खां संगीत एवं कला अकादमी (भोपाल) द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से मनाया जाता हैं| अकादमी द्वारा इस आयोजन मे कलाकारों कि व्यवस्था तथा पारिश्रमिक भुगतान का कार्य निर्वहन किया जाता हैं| जिला प्रशासन द्वारा प्रचार-प्रसार, टेंट, आवास व्यवस्था तथा आयोजन के लिए समन्वयक कि भूमिका निभाई जाती हैं| माण्डू उत्सव का उदेश्य मालवा कि संस्कृतिक राजधानी माण्डू को कलाप्रेमियों के बिच और ज्यादा लोकप्रिय बनाने का तो हैं ही, साथ ही माण्डू का प्रचार-प्रसार इस रूप मे करना कि यह नगरी देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष महत्व का पर्यटन केन्द्र बन सके| माण्डू उत्सव मे निम्नलिखित कार्यक्रमों को सम्मलित किया जाता हैं|

एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं वाटर स्पोर्ट्स

पर्यटकों को मांडू की विविधताओं से परिचित करने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी आयोजन किया जा रहा है। इनमें पैरासैलिंग, पैरामोटर, रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, बनाना राइड, कायकइंग, रोविंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता हैं|

सांस्कृतिक कार्यक्रम

सांस्कृतिक संध्याएँ मांडू उत्सव के आयोजन का केन्द्रबिन्दु है। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत सितार, ताल, सारंगी और वयोलिन वादन; भारत नाट्यम, कालबेलिया, सिथोलिया, लांगुरिया, ओडिसी, कत्थक इत्यादि नृत्य; कवि सम्मेलन, गायन, इत्यादि कार्यक्रम कराये जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देश एवं प्रदेश स्तर के कलाकारों के अलावा स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला प्रदर्शन का पूरा मौका दिया जाता हैं|

प्रतियोगिता

माण्डू आने वाला हर व्यक्ति माण्डू के सौन्दर्य को कैमेरे में कैद करना चाहता है। अनेक ऐतिहासिक धरोहरों से मंडित माण्डू अपने आप में फोटोग्राफरों के लेंस के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। माण्डू उत्सव 2014 के ध्वज तले माण्डू फोटोग्राफेर्स को माण्डू से और माण्डू को फोटोग्राफेर्स से और अच्छे तरीके से परिचित कराने के लिए माण्डू फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया था |

माण्डू उत्सव - इवेंट्स

माण्डू कि सांस्कृतिक धरोहर को लोगो तक पहुचानें के लिए विगत कई वर्षों से माण्डू उत्सव का आयोजन होता रहा हैं|
जिसमे कई प्रकार के कार्यक्रमों को पर्यटन को बढावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता हैं|

11 फरवरी 2017

कार्नीवल - उत्साह, उल्हास एवं आनंद का रंगारंग आयोजन प्रात: 9:00 बजे - जहाज महल,
उदघाटन समारोह - संध्या 6:30 बजे,
लोक नृत्य - संध्या 7:00 बजे,
पलाश सेन एवं यूफोरिया बैंड प्रस्तुती - बहुरंगी गीत संगीत की धमाकेदार, रंगारंग प्रस्तुति - रात्री 8:00 बजे

12 फरवरी 2017

माण्डव हेरिटेज रन - एतिहासिक इमारतों के साथ दौड़ने का अनोखा अभिनव आयोजन प्रात: 8:00 बजे
जंगल टेकिंग - विंध्य पर्वत श्रंखला के जंगलो को नजदीक से देखने, अनुभूत करे - प्रात: 10:00 बजे
ईट ड्रिंक एंड पेंट - मॉकटेल एवं स्नेक्स के साथ प्रकृति के रंगों को कैनवास पर उतारने का अनूठा आयोजन प्रात: 11:00 बजे
गजल निशा - गजलो के बेजोड फनकार तलत अजीज के सुरों से सजी मफिल - रात्रि 8:00 बजे

13 फ़रवरी 2017

पारंपरिक खेलकूद - बचपन मे खेले गय खेल प्रात: 11:00 बजे
पर्यटन क्विज - मध्यप्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थानों एवं संस्कृति पर आधारित क्विज दोपहर: 3:00 बजे
शास्त्रीय नृत्य - भारत की परम्पराओ से सिद्धहस्त एवं निष्णात कलाकार द्वारा कत्थक नृत्य रात्रि 7:00 बजे
कॉमेडी शो - स्टैंड अप कॉमेडियन के.के नायकर - रात्रि 8:00 बजे

14 फ़रवरी 2017

सुगम संगीत - पारंपरिक एवं आंचलिक सुरों से सजी संध्या रात्रि 7:00 बजे
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन - हास्य रस, वीर रस एवं रस के प्रसिद्ध कवियों एवं मशहूर शायरों की महफिल रात्रि 8:00 बजे

उत्सव झलकियाँ

माण्डू उत्सव 1

सांस्कृतिक कार्यक्रम

माण्डू उत्सव 2

एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं वाटर स्पोर्ट्स

माण्डू उत्सव 3

प्रतियोगिता

माण्डू उत्सव 4

सांस्कृतिक कार्यक्रम

माण्डू उत्सव 5

एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं वाटर स्पोर्ट्स

माण्डू उत्सव 6

प्रतियोगिता

माण्डू उत्सव 7

सांस्कृतिक कार्यक्रम

माण्डू उत्सव 8

एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं वाटर स्पोर्ट्स

माण्डू उत्सव 9

प्रतियोगिता

माण्डू उत्सव 10

सांस्कृतिक कार्यक्रम

माण्डू उत्सव 11

एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं वाटर स्पोर्ट्स

माण्डू उत्सव 12

प्रतियोगिता

मध्ययुगीन वैभव - माण्डू

जिला मुख्यालय धार से 35 कि. मी. दुरी पर बसी इतिहास के मध्यकाल कि नगरी माण्डू आज भी अपने गौरवपूर्ण अतीत का स्मरण कराती हैं|

दर्शनीय माण्डू - एक परिचय

जिला मुख्यालय धार से 35 कि. मी. दुरी पर बसी इतिहास के मध्यकाल कि नगरी माण्डू आज भी अपने गौरवपूर्ण अतीत का स्मरण कराती हैं| माण्डू को पुरातन कल मे मण्डपगिरी, मण्डपाचल तथा माण्डवदुर्ग या मण्डपदुर्ग के नाम से भी जाना जाता था| कुछ मुग़ल शासको ने इसका नाम शादियाबाद (आनंद कि नगरी) रखा था| लगभग 1200 एकड़ के क्षेत्र मे फैला यह दुर्ग एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा दुर्ग माना जाता हैं|

पुरातात्विक एवं प्राकृतिक सोंदर्य कि धरोहर माण्डू नगरी बरसो से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं| खासकर आलमगीरी, दिल्ली दरवाजा से लेकर कुल 12 प्रवेश द्वार, गहरी खाई नुमा कांकड खो, सात कोठडी, जामा मस्जिद, ताजमहल निर्माण का प्रतिक होशंगशाह का मकबरा तथा प्रणय गाथा को समेटे रानी रूपमती एवं बाजबहादुर के साथ-साथ अन्य जीर्ण-शीर्ण इमारते भी अपनी दन्तकथाओं से तथा वास्तुकला कि विशेषताओं से पर्यटकों को आनंद प्रदान करती हैं|

माण्डू के दर्शनीय पर्यटनस्थल
  • 12 मुख्य प्रवेश द्वारा
  • जहाज महल, तवेली महल, हिंडोला महल, शाही महल, जलमहल, अशर्फी महल, गदाशाह का महल, बाजबहादुर महल, छप्पन महल, दाई का महल
  • मंजू सागर, कपूर तालाब
  • रूपमती मण्डप, होशंगशाह का मकबरा, जामा मस्जिद, चंपा बावडी, नाहर झरोखा, नाटक घर, रेवाकुंड

माण्डू उत्सव - मध्ययुगीन वैभव

माण्डू कि सांस्कृतिक धरोहर को लोगो तक पहुचानें के लिए पिछले कई वर्षों से नवंबर-दिसंबर माह मे माण्डू उत्सव का आयोजन होता रहा हैं| तीन दिवसीय यह उत्सव उस्ताद अलाउददीन खां संगीत एवं कला अकादमी (भोपाल) द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से मनाया जाता हैं| अकादमी द्वारा इस आयोजन मे कलाकारों कि व्यवस्था तथा पारिश्रमिक भुगतान का कार्य निर्वहन किया जाता हैं| जिला प्रशासन द्वारा प्रचार-प्रसार, टेंट, आवास व्यवस्था तथा आयोजन के लिए समन्वयक कि भूमिका निभाई जाती हैं|

माण्डू उत्सव का उदेश्य मालवा कि संस्कृतिक राजधानी माण्डू को कलाप्रेमियों के बिच और ज्यादा लोकप्रिय बनाने का तो हैं ही, साथ ही माण्डू का प्रचार-प्रसार इस रूप मे करना कि यह नगरी देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष महत्व का पर्यटन केन्द्र बन सके| माण्डू उत्सव मे निम्नलिखित कार्यक्रमों को सम्मलित किया गया हैं|

माण्डू उत्सव कार्यक्रमों
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • माण्डू फ़ूड फेस्टिवल, माण्डू हेरिटेज वाक, माण्डू हाफ मेराथन, माण्डू नेचर्स स्टे
  • एडवेंचर स्पोर्ट्स
  • फोटोग्राफी प्रतियोगिता, माण्डू हस्तशिल्प एवं क्राफ्ट मेला

माण्डू कैसे पहुँचे ?

मध्य प्रदेश में विंध्याचल की पहाडि़यों में 2000 फुट की ऊंचाई पर स्थित माण्डू वायु मार्ग द्वारा इंदौर और भोपाल से जुड़ा है। इंदौर यहां से 99 किलोमीटर दूर है। महू, इंदौर और खंडवा निकटतम रेलवे स्टेशन हैं। दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर रतलाम यहां से 124 किलोमीटर दूर है। धार से प्रत्येक आधे घंटे पर बस सेवा है। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, रतलाम, उज्जैन और भोपाल से भी नियमित बस सेवा है। यहां जाने का सर्वश्रेष्ठ समय जुलाई से मार्च तक है। माण्डू में रात्रि विश्राम के लिए अनेक प्राइवेट और सरकारी होटल हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन के यहां मालवा रिसॉर्ट और मालवा रीट्रीट नाम से दो होटल हैं




संपर्क सूत्र

माण्डू उत्सव के आयोजन को सफल बनाने के लिए आप के सुझाव तथा शिकायते हमारे लिए अति महत्वपूर्ण हैं|

संपर्क जानकारी

कलेक्टर कार्यालय
कलेक्ट्रेट कैम्पस
मध्य प्रदेश 454-001
फोन: (07292) 234-702