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जनगणना 2027 के अंतर्गत नगरीय चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुआ

जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में संपादित किया जाना है। प्रथम चरण में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य मध्यप्रदेश राज्य में 01 मई, 30 मई, 2026 की अवधि में किया जाना है, जिसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश के राजपत्र 23 जनवरी, 2026 में प्रकाशित की गई है । जनगणना कार्यों को समय-सीमा में संपादित कराने के लिए राज्य शासन के अधिकारियों का विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण के निर्देश है। राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण नकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अद्यतन करने के कार्य के लिये 4 दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यकम जनगणना कार्य निदेशालय, म.प्र.भोपाल के प्रशिक्षक श्री सूरज दीपक बड़गे एवं श्री हुकुमचंद पर्वते द्वारा जिला स्तर से जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (NIC), जनगणना लिपिक एवं चार्ज स्तर से चार्ज अधिकारी, अतिरिक्त नार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक को ग्रामीण चार्ज अधिकारियों का जिला जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में 17 फरवरी 2026 को एवं अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय की अध्यक्षता में 18 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया। इसी क्रम में नगरीय चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 19 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित किया गया। जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय द्वारा जनगणना संबंधी महत्‍वपूर्ण निर्देश दिये गये। 20 फरवरी 2026 को चतुर्थ दिवस नगरीय चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में प्रातः 10.30 से सायं 5.00 बजे तक दिया जावेगा।       प्रशिक्षण में प्रशिक्षक श्री सूरज दीपक बड़ने एवं श्री हुकुमचंद पर्वते द्वारा जनगणना कार्यों की बारीकियों की जानकारी विस्तार से दी। प्रशिक्षण में बताया गया कि जिले में दो चरणों में जनगणना का कार्य होगा। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 के मध्य किया जाएगा। जिसमें मकान का सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जायेगा। वहीं द्वितीय चरण का कार्य फरवरी 2027 में संपन्न होना है। इस बार जनगणना का कार्य डिजिटल रूप से मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन कर किया जायेगा, जो भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस बार नागरिकों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाईन भरने की सुविधा के लिये स्व गणना वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है।      प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं के साथ-साथ अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी अधिकारियों को दी गई। साथ ही, जनगणना कार्य के दौरान संभावित समस्याओं और प्रश्नों पर प्रतिभागियों से चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों की समस्याओं का समाधान भी किया गया।      भारत की जनगणना, भारत के लोगों की विभिन्न विशेषताओं पर सांख्यिकीय जानकारी का सबसे बड़ा एकल स्रोत है। भारत की जनगणना को दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक माना जाता है। आगामी जनगणना वर्ष 2027 के दौरान की जाएगी जो वर्ष 1872 से 16 वीं एवं स्वतंत्रता के बाद की 8 वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। जनगणना 2027 में स्व.गणना पोर्टल, मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जायेगा। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन किया जायेगा। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। इस दौरान जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना लिपिक, नगर जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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