धार जिले की एमएसएमई इकाईयों और स्टार्टअपस के बिजनेस को बढ़ाने के उपायों और अवसरों पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ
भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के एमएसएमई विकास कार्यालय इंदौर के व्दारा धार के जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के सहयोग से धार जिले की एमएसएमई इकाईयों और स्टार्टअपस के बिजनेस को बढ़ाने के उपायों और अवसरों पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन बुधवार को धार में किया गया। सेमिनार में कुल 120 से अधिक एमएसएमई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सेमिनार का उदघाटन करते हुए इंदौर के एमएसएमई के उपनिदेशक श्री आई. तिर्की ने कहा कि भारत सरकार के व्दारा एमएसएमई के विकास और उनकी हर क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के लिए अनेकों योजनाएं तैयार की गई है, पर जागरूकता की कमी के कारण उद्योग जगत इनका लाभ नहीं उठाते और परेशान होते हैं। इस सेमिनार का यही उदेश्य है कि आप इन योजनाओं के प्रति जागरूक हो जाये। अतिथियों का स्वागत करते हुए एमएसएमई के सहायक निदेशक श्री राजकुमार मोहनानी एमएसएमई के संभावित विभिन्न नए सेक्टरों और उनके उत्पादों की नवीनतम जानकारी प्रदान की। एमएसएमई विकास कार्यालय के सहायक निदेशक श्री निलेश त्रिवेदी ने एमएसएमई बताया कि आपके पास उद्यम सर्टिफिकेट होने भर से आपको ट्रेडमार्क प्रमाणिकरण पर दस हजार, पेटेंट प्रमाणिकरण पर एक लाख और डिजाइन, जीआई पर सर्बिसडी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि एक्सपोर्ट सपोर्ट के लिए एक लाख तीस हजार और कलस्टर विकास के लिए एमएसएमई को 10 करोड़ और 30 करोड़ तक ग्रांट प्रदान किया जाता है। उन्होंने एमएसएमई के विलंबित भुगतान की समस्या के निवारण के लिए एमएसई ओडीआर पोर्टल की विस्तृत जानकारी प्रदान की। श्री त्रिवेदी ने मंत्रालय की जेड और लीन स्कीम पर भी जानकारी प्रदान की । सेमिनार में एमएसएमई के लिए मध्यप्रदेश शासन की योजनाओं पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, धार के प्रबंधक श्री संदीप गेहलोत ने विस्तार से जानकारी प्रदान की। सेमिनार में क्वालिटी कंट्रोल मैनेजमेंट पर ब्यूरो ऑफ स्टेण्डर्ड भोपाल के श्री राहूल कुमार ने, नाबार्ड की श्रीमती सौदामिनी मानिकर, सीए श्रीमती चित्रा गुप्ता ने हार्टिकल्चर विभाग की च्डथ्डम् स्कीम की जानकारी प्रदान की। लीड बैंक मैनेजर श्री बलराम बैरागी ने एमएसएमई के लिए विभिन्न वित्तीय योजनाओं और बैंकिंग पर जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर काल में एमएसएमई के अधिकारियों तथा विशेषज्ञओं के पेनल ने प्रतिभागियों की विभिन्न जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया ।