धार जिले में पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल: 27 स्थलों पर रोपे जाएंगे 3.55 लाख से अधिक पौधे
धार जिले में आगामी वर्षाकाल के दौरान बड़े स्तर पर वृक्षारोपण की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। वन मण्डल धार द्वारा वर्ष 2026-27 के दौरान जिले के 27 चिन्हित स्थलों पर 835.178 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 3,55,803 पौधों का रोपण किया जाएगा।
वन मण्डल अधिकारी धार, श्री विजयानंथम टी. आर. ने बताया कि यह रोपण कार्य वन मंडल धार की विभिन्न परिक्षेत्रों— धार, धामनोद, मांडव, सरदारपुर, टाण्डा, बाग एवं कुक्षी में किया जाएगा। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जैव-विविधता का विशेष ध्यान रखते हुए स्थानीय जलवायु के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों का चयन किया गया है।
विविध प्रजातियों का होगा रोपण:
अभियान के तहत सागौन, खमेर, चिरोल, नीम, आंवला, खैर, शीशू, अमलताश, महारूख, जंगलजलेबी, अर्जुन, जामुन, ईमली, सीताफल, सिरस, साजा, कुसुम, कचनार, अमरूद, बांस, महुआ, बहेडा, शीशम और कस्टार सहित अन्य प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे।
पूर्व तैयारी एवं जल संरक्षण कार्यों पर जोर:
जुलाई 2026 से शुरू होने वाले इस सघन पौधारोपण अभियान के लिए विभाग ने धरातल पर मोर्चा संभाल लिया है। पौधों की उत्तरजीविता (Survival Rate) बढ़ाने के लिए निम्नलिखित कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं:
सुरक्षा: रोपण स्थलों की फेंसिंग और पशुअवरोधक खंती का निर्माण।
तकनीकी कार्य: गड्ढों की खुदाई का कार्य समय सीमा में पूर्ण।
जल संवर्धन: भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए कन्ट्रर ट्रैच (Contour Trench), सतत कन्ट्रर टेंच और बोल्डर चेकडेम जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया है ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और पौधों को पर्याप्त नमी मिले।
वन विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि आगामी वर्षाकाल में इस हरित अभियान का हिस्सा बनकर जिले को पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाने में सहयोग करें।