पीथमपुर उद्योग क्षेत्र में एलपीजी तथा पीएनजी समस्याओं पर महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
कार्यकारी संचालक एम.पी.आई.डी.सी. क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर के श्री हिमांशु प्रजापति द्वारा निर्यात भवन एसईजेड फेज-2, पीथमपुर जिला-धार में पीथमपुर एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के उद्योगपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 70 से अधिक उद्योगपतियों के साथ ही विभिन्न उद्योगों में कैंटीन संचालन करने वाले सेवा प्रदाता भी शामिल हुये। बैठक का मुख्य उद्देश्य पीथमपुर क्षेत्र में एलपीजी (LPG) एवं पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से संबंधित चल रही समस्याओं पर चर्चा करना रहा। उद्योगपतियों द्वारा प्रमुख रूप से यह मुद्दा उठाया गया कि इन-हाउस कैंटीन संचालन हेतु एलपीजी की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है। यही समस्या कैंटीन सेवा प्रदाताओं द्वारा भी व्यक्त की गई। बैठक में यह भी अवगत कराया कि पीथमपुर में कार्यरत प्रवासी श्रमिक, जिनके नाम पर स्थानीय गैस कनेक्शन नहीं है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। उद्योगों ने इस समस्या के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अन्यथा श्रमिकों का पलायन हो सकता है। साथ ही यह सुझाव भी दिया गया कि श्रमिकों की सुविधा के लिए छोटे गैस सिलेंडरों की व्यवस्था की जाए, जिनका उपयोग श्रमिक वर्ग द्वारा प्रमुख रूप से किया जाता है। पीएनजी (PNG) से संबंधित विषय में उद्योगपतियों ने बताया कि पूर्व में औसत उपयोग के 80 प्रतिशत तक पीएनजी आपूर्ति रियायती (concessional) दर पर उपलब्ध थी, जिसे वर्तमान में घटाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है। उद्योगपतियों ने अनुरोध किया कि रियायती दर पर उपलब्ध आपूर्ति की यह सीमा बढ़ाकर पुनः 80 प्रतिशत की जाए, ताकि औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुचारु रूप से हो सके। इस संबंध में उद्योगों से पीएनजी की मांग (demand) भी एकत्रित की गई है। बैठक में नवेरिया गैस एवं अवंतिका गैस के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनके साथ उपरोक्त विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। हिमांशु प्रजापति ने सभी पक्षों के सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी उद्योगों के सुचारु संचालन एवं श्रमिक हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।