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लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत समय-सीमा में सेवा नहीं देने पर 9 पदाभिहित अधिकारियों पर 21 हजार 500 रुपये की शास्ति अधिरोपित

कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पांडेय द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं किए जाने पर 9 पदाभिहित अधिकारियों पर कुल 21 हजार 500 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। इसमें तहसीलदार सरदारपुर श्री मुकेश बामनिया पर 6 हजार 500 रुपये, नायब तहसीलदार नालछा श्रीमती विशाखा चौहान पर 5 हजार रुपये, तहसीलदार धार श्री दिनेश कुमार उईके पर 4 हजार रुपये, प्रभारी तहसीलदार वृत्त बाग श्री मुकेश मालवीय पर 2 हजार रुपये, नायब तहसीलदार मनावर श्री राजेश भिंडे पर 1 हजार 500 रुपये तथा तहसीलदार धरमपुरी श्री कुणाल अवास्या पर 1 हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। इसके अतिरिक्त नायब तहसीलदार वृत्त दिग्ठान सुश्री अनिता बरेठा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सरदारपुर श्री जौशुआ पीटर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी राजगढ़ श्रीमती ज्योति सुनारिया पर 500-500 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पांडेय ने बताया कि स्थानीय प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, तहसील स्तरीय रिकॉर्ड रूम से अभिलेख शाखा में जमा भू-अभिलेख, राजस्व प्रकरण, नक्शे, निर्माण श्रमिकों का पंजीयन, विवाह पंजीयन तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन से संबंधित प्राप्त प्रकरणों का नियत समय-सीमा में निराकरण पदाभिहित अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया, जिसके कारण प्रकरण लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत समय-सीमा से बाहर हो गए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 7(1)(ख) के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक विलंबित प्रकरण पर 500 रुपये की दर से शास्ति अधिरोपित की गई है।

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