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विश्व सतत ऊर्जा दिवस पर 380 आदिवासी परिवारों को मिला सौर ऊर्जा का उपहार सिप्ला एवं बाएफ लाइवलीहुड्स के सहयोग से फरसपुरा ग्राम पंचायत में हुआ सौर ऊर्जा उपकरणों का वितरण

विश्व सतत ऊर्जा दिवस के शुभ अवसर पर, सिप्ला के सहयोग से बाएफ लाइवलीहुड्स द्वारा ग्राम पंचायत फरसपुरा में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट जलधारा के तहत ग्राम सिमराली, फरसपुरा, जहांगीरपुरा, सादराबाद तथा मसीदपुरा के दूर-दराज 14 फलियों में निवासरत 380 जरुरतमंद आदिवासी परिवारों को सोलर होम लाइट, 51 परिवारों को सोलर इन्सेक्ट ट्रैप एवं 59 परिवारों को सिंचाई हेतु 16 इकाई सोलर वाटर पंप प्रदान किए गए।

सौर ऊर्जा से आदिवासी परिवारों को मिलेगी नई रोशनी:
         इस महत्वपूर्ण पहल के तहत, सोलर होम लाइट्स के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को बिजली संकट से राहत मिलेगी, जिससे वे रात में भी रोशनी का लाभ उठा सकेंगे। वहीं, सोलर इन्सेक्ट ट्रैप किसानों के लिए वरदान साबित होगा, जो फसल संरक्षण में मदद करेगा और कीटनाशकों के उपयोग को कम करके जैविक खेती को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, सोलर वाटर पंप के माध्यम से सिंचाई की सुविधा मिलने से किसानों को खेती में आत्मनिर्भरता हासिल करने में सहायता मिलेगी।
गांव के विकास में सौर ऊर्जा का योगदान: इस अवसर पर बाएफ लाइवलीहुड्स के रीजनल इंचार्ज जे.एल. पाटीदार, प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप पवार, टीम सदस्य आयुषी त्रिवेदी, पुरुषोत्तम मीना, हरिओम पटेल एवं नितेंद्र पवार उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत सरपंच  संतोषीबाई चौहान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उन्हें ऊर्जा के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगी।
इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और गांवों में अक्षय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देते हुए सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इस सराहनीय प्रयास से ग्रामीणों में न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
प्रोजेक्ट जलधारा के अंतर्गत किए गए इस कार्य से स्थानीय समुदाय में हर्ष और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सिप्ला, बाएफ लाइवलीहुड्स और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया और बताया कि इस प्रकार की योजनाओं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे है।

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