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सफलता की कहानी कार वॉश से उद्यमिता तकः मेहनत, सीख और निरंतरता से बनी एक स्थानीय पहचान

मध्य प्रदेश के धार जिले के कस्बे कुक्षी में शुरू हुआ एक साधारण कार वॉश का काम आज एक संगठित व्यवसाय का रूप ले चुका है। यह कहानी है तपन देशमुख की, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर मेहनत, अनुशासन और सीखने की प्रवृत्ति के साथ अपने काम को आगे बढ़ाया। तपन देशमुख की वर्ष 2018 में शुरू हुए इस व्यवसाय की शुरुआत बेहद साधारण थी। शुरुआती करीब दो वर्षों तक तपन देशमुख स्वयं कार धोने और सफाई का कार्य करते रहे। ज़मीनी स्तर पर काम करने से उन्हें ग्राहकों की आवश्यकताओं, गुणवत्ता मानकों और कार्य प्रक्रिया की गहरी समझ मिली, जो आगे चलकर व्यवसाय की मज़बूत नींव बनी। शैक्षणिक रूप से तपन देशमुख ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की थी। बाद में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उन्होंने उसी समय का उपयोग कर जर्नलिज़्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर डिग्री पूरी की, जिससे व्यवसाय संचालन और ग्राहक संवाद में संरचित दृष्टिकोण विकसित हुआ। समय के साथ यह काम केवल कार वॉश तक सीमित नहीं रहा। सेवाओं और उत्पादों का विस्तार करते हुए इस व्यवसाय ने अब तक 40 हजार से अधिक ग्राहकों को प्रत्यक्ष रूप से और ई-कॉमर्स माध्यमों से सेवाएं प्रदान की हैं। Amazon जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़ी संख्या में ऑर्डर देशभर में भेजे गए। इस उद्यम ने स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन में भी भूमिका निभाई है। वर्तमान में यहाँ 7 लोगों को नियमित रोज़गार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे छोटे शहर में संगठित रोजगार के अवसर बने हैं। इन्हें उद्यम विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 में क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत भारतीय स्टेट बैंक से 10 लाख रूपये की कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत हुई, जिससे व्यवसाय को कार्यशील पूंजी के रूप में अतिरिक्त मजबूती मिली और संचालन विस्तार में सहायता प्राप्त हुई। आज यह व्यवसाय केवल खुद तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य व्यापारियों को भी आगे बढ़ने में सहयोग कर रहा है। उल्लेखनीय है कि बाज़ार में मौजूद कुछ प्रतिस्पर्धी भी आवश्यक उत्पाद यहीं से खरीदते हैं और तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता होने पर सहयोग प्राप्त करते हैं। तपन देशमुख आज भी अपने काम से सीधे जुड़े रहते हैं और कर्मचारियों के साथ मिलकर गुणवत्ता नियंत्रण व कार्यप्रणाली सुधार पर ध्यान देते हैं। अब यह उद्यम एक नए चरण की ओर बढ़ रहा है, जिसके संकेत भविष्य की संभावनाओं को दर्शाते हैं। कुक्षी जैसे कस्बे से निकली यह कहानी यह प्रमाणित करती है कि निरंतर मेहनत, सीख और सही अवसरों के साथ एक साधारण शुरुआत भी स्थायी व्यवसाय में बदली जा सकती है।

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