स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत मांडू में 24 करोड़ से होंगे विकास कार्य मांडू के समग्र पर्यटन विकास को लेकर कलेक्टर की अध्यक्षता में परिषद की बैठक हुई मांडू –ए मीडिवल वंडर” परियोजना को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत स्वीकृत कार्यों पर चर्चा की गई। इस दौरान चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी) योजना के अंतर्गत “मांडू – ए मीडिवल वंडर” परियोजना को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। कलेक्टर श्री मिश्रा ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि योजना के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में प्रारंभ कर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि परियोजना के कार्य मानसून सत्र के दौरान पूरे कर लिए जाएं, ताकि आगामी मानसून में पर्यटकों को स्वदेश दर्शन 2.0 योजना का पूरा लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समिति एवं उप-समितियों का गठन किया जाए, जिनमें जिम्मेदार अधिकारियों को शामिल किया जाए। साथ ही, निरंतर निगरानी के माध्यम से स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सभी संबंधित अधिकारी मांडू का स्थल भ्रमण करें। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से कलेक्टर को अवगत कराया गया कि धार जिले की ऐतिहासिक नगरी मांडू को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जाएंगे। निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है एवं एजेंसी का चयन कर लिया गया है, जो शीघ्र ही कार्य प्रारंभ करेगी। इस परियोजना के अंतर्गत मांडू के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों—राम मंदिर, जामा मस्जिद, अशर्फी महल, होशंगशाह का मकबरा, रैवा कुंड, छप्पन महल, दाई का महल, जाली महल तथा दरवाजों की श्रृंखला—को समग्र रूप से जोड़ा गया है। प्रमुख विकास कार्य में नोडल टूरिस्ट सेंटर (डायनो पार्क के पास): सूचना केंद्र, स्नैक एवं सुविनियर शॉप, पार्किंग एवं साइनज, सोशल स्क्वायर (राम मंदिर–जामा मस्जिद परिसर के बीच): प्लाज़ा, फ्ली मार्केट, टूरिस्ट असिस्टेंस सेंटर एवं 24×7 खुला हाट बाजार, सनडाउनर लॉन (रेन बसेरा के पास): आकर्षक गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी एवं सजावट, माइनर मॉन्यूमेंट ब्यूटीफिकेशन: छोटे स्मारकों एवं सड़कों का सौंदर्यीकरण, ग्रीन टूरिज्म इनिशिएटिव: हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग एवं सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटलीकरण एवं प्रशिक्षण पर फोकस, ऑडियो गाइड, मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट, वेब-आधारित एआर कंटेंट, स्थानीय युवाओं के लिए स्किलिंग एवं ट्रेनिंग कार्यक्रम शामिल है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक चौधरी, डीएफओ श्री विजयनंथम टी.आर. उपस्थित रहे। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल अधिकारी श्री प्रवीण शर्मा एवं सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे, जबकि मप्र टूरिज्म बोर्ड के अधिकारी आनलाइन सम्मिलित हुए।