होम्योपैथी के जनक सैमुअल हैनिमैन की जयंती पर विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया
होम्योपैथी के जनक सैमुअल हैनिमैन (क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैम्यूल हानेमान) की आज 10 अप्रैल 2026 को उनकी जयंती पर होम्योपैथिक औषधालय मगजपुरा धार में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया। सैमुअल हैनिमैन एक जर्मन चिकित्सक थे, जिन्होंने 18वीं शताब्दी के अंत में इस चिकित्सा पद्धति की नींव रखी।
हैनिमैन का जीवन
हैनिमैन का जन्म 10 अप्रैल 1755 को जर्मनी के ड्रेस्डेन में हुआ और मृत्यु 2 जुलाई 1843 को हुई।वे मूल रूप से एलोपैथी चिकित्सक थे, लेकिन एलोपैथी के हानिकारक प्रभावों से तंग आकर “सम:समम शमयते” (like cures like) सिद्धांत पर होम्योपैथी विकसित की। उन्होंने सिनकोना छाल के प्रयोग से इसकी शुरुआत की, जो मलेरिया के लक्षण पैदा करने पर विचार किया।
प्रमुख योगदान
उनकी प्रमुख रचना “ऑर्गेनॉन ऑफ द मेडिकल आर्ट” 1810 में प्रकाशित हुई, जो होम्योपैथी के सिद्धांतों को परिभाषित करती है। पोटेंशिएशन तकनीक से दवाओं को पतला कर शक्तिशाली बनाया।भारत में होम्योपैथी बहुत लोकप्रिय है, और राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान जैसे संगठन उनके कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
इस अवसर पर जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला चौहान, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. गायत्री मुवेल, आरएमओ डॉ रमेश मुवेल, डॉ. अतुल तोमर, डॉ भाग्यश्री नावडे, डॉ. दिनेश कन्नौज, गंगाराम दवा साज धर्मेंद्र और अन्य मैरिज उपस्थित थे। यह जानकारी डॉं मुवेल द्वारा दी गई।