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एमपी-ई-सेवा प्लेटफ़ॉर्म के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर प्रचार एवं जन-जागरूकता

 विभिन्न विभागीय पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को प्रदाय की जा रही सेवाओं को एकीकृत करते हुए मध्यप्रदेश शासन विज्ञान एव प्रौद्योगिकी विभाग भोपाल द्वारा एकल पोर्टल एवं मोबाइल ऐप एमपी-ई-सेवा  विकसित किया गया है। उक्त पोर्टल  https://eseva.mp.gov.in/cms/  पर वर्तमान में कुल 500 सेवाएँ लाइव की जा चुकी हैं एवं शेष सेवाओं को इस प्लेटफ़ॉर्म से जोड़े जाने का कार्य प्रगति पर है।
     अपर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन विज्ञान एव प्रौद्योगिकी विभाग श्री संजय दुबे ने बताया कि एम.पी. ई-सेवा पोर्टल एवं मोबाइल एप का शुभारंभ मुख्यमंत्री जी द्वारा 1 नवम्बर 2025 को किया गया है। जिसकी मुख्य विशेषताएं जैसे समग्र प्रोफाइल के आधार पर शासकीय योजनाओं के पात्रता की जाँच, जिससे नागरिक उपयुक्त शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकते हैं। रियल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग एवं स्थिति ज्ञात किए जाने की सुविधा, डिजिटल प्रमाणपत्र डाउनलोड की सुविधा, इटीग्रेटेड पेमेंट गेटवे सुविधा, सिंगल साइन-ऑन (एसएससी) सुविधा शामिल है।
      एम.पी. ई-सेवा प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से नागरिको को शासन की अधिकाधिक सेवाएं प्रभावी रूप से दी जा सके, इस हेतु प्लेटफॉर्म का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाना आवश्यक है। जिला स्तर पर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए है। जारी निर्देशानुसार जिले में एम.पी. ई-सेवा पोर्टल के प्रचार-प्रसार हेतु व्यापक अभियान संचालित किया जाए। मुख्य स्थानों पर एम.पी. ई-सेवा की सेवाओं, लाभों एवं उपयोग प्रक्रिया का व्यापक प्रचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिकाधिक नागरिक पोर्टल का उपयोग कर सकें। एम.पी. ई-सेवा पोर्टल से सम्बंधित बैनर लोक सेवा केंद्र एमपी ऑनलाइन एवं सीएससी के कियोस्क जिला पंचायत, नगर निगम/नगर पालिका/नगर परिषद, जनपद पंचायत, कलेक्ट्रेट एवं अन्य प्रमुख कार्यालयों में अनिवार्य रूप से लगाए जाएँ। इस बावत एक सैंपल बैनर पर संलग्न करे जिसमें एम.पी. ई-सेवा पोर्टल की प्रमुख सेवाओं, प्रक्रिया और लाभों को दर्शाते हुए लोक सेवा केंद्र, कलेक्ट्रेट, नगरीय निकाय,ग्राम पंचायत सार्वजनिक कार्यक्रमों एवं शिविरों में लगाये जाये। साथ ही अपने स्तर से सम्पन्न होने वाले समय-सीमा एवं अन्य विभागीय बैठकों में इस प्लेटफार्म के विषय में समस्त अधिकारी/कर्मचारी को अवगत कराया जाए। एम.पी. ई-सेवा प्लेटफ़ॉर्म की उपयोगिता से संबंधितो को अवगत कराने हेतु ई-दक्ष केन्द्रों पर प्रशिक्षण आयोजित किए जाए । जिले में एमपी ई-सेवा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला ई-गवर्नेस मैनेजर, लोक सेवा केंद्र मैनेजर, लीड ट्रेनर ई-दक्ष केंद्र, एमपी ऑनलाइन एवं सीएसएस-सीपीव्ही के प्रतिनिधियों की एक समिति गठित की जाए। अतः  लोक हित में एम.पी. ई-सेवा प्लेटफ़ॉर्म का व्यापक प्रचार प्रसार करे।

 

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