कलेक्टर श्री मिश्रा द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत वन व्यवस्थापन प्रक्रिया के तहत प्रचलित प्रकरणों के निराकरण के संबंध में बैठक ली गई
कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत वन व्यवस्थापन प्रक्रिया के तहत प्रचलित प्रकरणों की समीक्षा की गई । बैठक में वन मंडल अधिकारी धार श्री विजयानंथम टी.आर., अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पांडे, उप वन मंडल अधिकारी श्री सुनील सुलिया, सरदारपुर अनुभाग के समस्त एसडीएम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में वन विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। वन व्यवस्थापन अंतर्गत धारा 5 से 19 तक की कार्यवाहियों के पश्चात शेष तकनीकी बिंदुओं एवं लंबित स्तरों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इसी के साथ ही वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि मैदानी स्तर पर सीमांकन (डिमार्केशन) की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है तथा शीघ्र ही नक्शे एमपीएससीडीसी, भोपाल को प्रेषित किए जा रहे हैं। विभिन्न परियोजनाओं में क्षतिपूर्ति वनीकरण हेतु प्राप्त भूमि के सीमांकन, अधिसूचना जारी करने एवं अतिक्रमण की स्थिति पर आपसी समन्वय स्थापित करने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। जिले के बाग क्षेत्र में स्थित डायनासॉर फॉसिल पार्क को नेशनल पार्क घोषित किए जाने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में प्रभावित वन अधिकार पट्टाधारियों के विस्थापन हेतु भूमि मूल्यांकन के आधार पर मुआवजा निर्धारण कर आवश्यक राशि शासन से प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एसडीएम कुक्षी को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कहा गया।
कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए समय-सीमा में लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।