जल गंगा संवर्धन अभियान: कुक्षी और धरमपुरी में नदी पूजन एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन
जिले के विभिन्न विकासखंडों में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की गतिविधियां निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में जन अभियान परिषद द्वारा विकासखंड कुक्षी और धरमपुरी में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जागरूकता का प्रसार किया गया।
ओझर नदी पर पूजन और संरक्षण का संकल्प:-
कुक्षी के ग्राम भत्यारी में नर्मदा की सहायक नदी ओझर पर निर्मित बांध पर “नव शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रस्फुटन समिति, CMCLDP के विद्यार्थियों और स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नदी की विधिवत पूजा-अर्चना की। उपस्थित जनसमूह ने जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और उनके संवर्धन का संकल्प लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल की महत्ता और उसके संचयन के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।
वृक्ष पूजन से पर्यावरण संरक्षण का संदेश:-
विकासखंड धरमपुरी की ग्राम पंचायत डहीवर में नवांकुर सखियों द्वारा पीपल के वृक्ष का पूजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को वृक्षों के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। “जल शक्ति से नव भक्ति” के संदेश के साथ ही प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया गया।
स्वच्छता के लिए युवाओं का श्रमदान:-
सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हुए कुक्षी में कॉलेज के समीप स्थित यात्री प्रतीक्षालय की साफ-सफाई का कार्य परिषद के CMCLDP (BSW/MSW) के छात्रों द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया।
म.प्र. जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक श्री मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार और पर्यावरण शुद्धि के लिए निरंतर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिसमें स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।