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जल गंगा संवर्धन अभियान 2026: धार जिले में जनसहभागिता से जल संरक्षण की अनूठी मिसाल* *जिलेभर में दीवार लेखन, जल स्त्रोत पूजन, श्रमदान एवं प्याऊ शुभारंभ से जल संरक्षण का व्यापक जनजागरण

जिले में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) के मार्गदर्शन में “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” के अंतर्गत विभिन्न विकासखंडों में जनजागरूकता एवं जनसहभागिता आधारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता एवं सेवा भाव को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अनेक नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विद्यार्थियों, नवांकुर संस्थाओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। ग्राम पंचायत ढाल में अभियान के अंतर्गत CMCLDP विद्यार्थियों द्वारा दीवार लेखन (Wall Writing) का कार्य किया गया। विद्यार्थियों ने जल संरक्षण, जल के महत्व एवं जल बचाने के संदेशों को आकर्षक एवं सृजनात्मक तरीके से दीवारों पर उकेरते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया। इस पहल को ग्रामवासियों द्वारा सराहा गया तथा विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा की गई। विकासखंड नालछा के अंतर्गत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम के तहत मांडव क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 7, सिंगोड़ी स्थित प्राचीन चम्पा बावड़ी में विधिवत पूजा-अर्चना कर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस दौरान बावड़ी परिसर की साफ-सफाई भी की गई, जिससे जल स्रोत को संरक्षित करते हुए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में श्री क्षत्रिय मराठा सेवा समिति नयापुरा एवं नगर विकास प्रस्फुटन समिति मांडव के सदस्यों सहित CMCLDP स्टूडेंट्स, परामर्शदाता श्री रविन्द्र परिहार, समिति अध्यक्ष श्री रतन बामनिया एवं अन्य ग्रामीणजन की सहभागिता रही। इसी क्रम में विकासखंड डही के ग्राम जामदा में मां नर्मदा तट पर श्रमदान के माध्यम से घाट की साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनों को स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया गया तथा मां नर्मदा की सेवा को प्रत्येक नागरिक का दायित्व बताया गया। इस अवसर पर नवांकुर संस्था के सदस्य, CMCLDP विद्यार्थी एवं परामर्शदाता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जल संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में सकारात्मक संदेश दिया। विकासखंड गंधवानी में नवांकुर संस्था गंधवानी सामाजिक विकास समिति द्वारा नित्यानंद मंदिर परिसर में स्थित लगभग 100 वर्ष पुरानी प्राचीन बावड़ी पर पूजा-अर्चना के साथ अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक श्री दयाराम मुवेल, संस्था के सदस्यगण, मेंटर्स एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विकासखंड नालछा के ग्राम गुगली में “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम के अंतर्गत समाज जागरण एवं कल्याण समिति छोटा बरखेड़ा एवं विकास प्रस्फुटन समिति गुगली द्वारा जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य गर्मी के मौसम में राहगीरों एवं ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में नवांकुर संस्था के अध्यक्ष करण भाभर, परामर्शदाता श्री गोपाल कटारे, सुश्री सोनाली चौहान, श्री लखन झाला, समिति अध्यक्ष भावसिंह गिरवाल एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे। इन समस्त गतिविधियों के माध्यम से जिले में जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता का वातावरण निर्मित हो रहा है। अभियान न केवल जल स्रोतों के संरक्षण एवं स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग एवं परोपकार की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है।

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