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तीन दिवसीय म.प्र. राज्य मिलेट्स मिशन योजना अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि मेले का श्रीमती नीना विक्रम वर्मा विधायक धार की उपस्थिति में शुभारम्भ

किसान कल्याण तथा कृषि विकास धार जिला धार के तत्वाधान में तीन दिवसीय कृषि मेले का आयोजन उदय रंजन क् लब में किया गया। कृषि मेले में मुख्य अतिथि माननीया श्रीमति नीना वर्मा विधायक धार की उपस्थिति में शुभारम्भ किया गया।कृषि मेले में विधायक द्वारा बताया की जिस प्रकार पुराने जमाने में हमारे बुजुर्ग किसान भाई परम्परागत अनाज कोदो-कुटकी, रागी, सांवा, ज्वार, बाजरा की खेती भी करते थे एवं वही अनाज खाने में भी उपयोग करते थे इसलिए गम्भीर बिमारिया नहीं होती थी। अब इस आधुनिक समय में परम्परागत अनाज को छोडकर गेहू, सोयाबीन की लगातार खेती करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कम हो रही है किसानों अब परम् परागत कृषि की ओर ध्यान देना है शासन द्वारा किसानों के हित में मिलेट मिशन योजना शुरू की है जिसका लाभ लेकर मिलेट श्रीअन्न की खेती करना शुरू करे।वर्तमान में गेहू फसल की कटाई के बाद किसानों भाईयों द्वारा शेष नरवाई को जला दिया जाता है इससे पर्यावरण प्रदुषण एवं मिट्टी के पौषक तत् व नष्ट हो रहे है। प्रदर्शिनी का अवलोकन करने पर नरवाई प्रबंधन के देशी पाटा यंत्र किसानों को उपयोग करने की सलाह दी गई एवं नरवाई नहीं जलाने की शपथ दिलाई।

कृषि मेले मे श्री अशोक डावर सभापती कृषि स्थाई समिति जिला पंचायत द्वारा मिलेट फसल को कम से कम अपने भोजन में शामिल करने एवं खेती करने के बारे में कहा गया। उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया द्वारा बताया की मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 11 जनवरी से कृषक कल्याण वर्ष 2026 मनाया जा रहा है। इस अवसर पर किसानों के मध्य विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु विगत लगभग 22 दिनों से प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रचार-प्रसार कृषि रथ संचालित किए गये हैं जिनके माध्यम से शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाई जा रही है।

इसी क्रम में कृषि मेला प्रदर्शनी में 80 से भी अधिक कृषि आधुनिक प्रदर्शिनी विभिन्न कृषि आदान (खाद, बीज, दवाई) विक्रेता, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि एवं सिंचाई उन्नत यंत्रों की प्रदर्शिनियाँ लगाई गई है। मेले में जिले के किसानों भाईयों को वैज्ञानिक एवं विभागीय अधिकारी के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिले में मिलेट्स फसलों का रकबा क्षेत्र विस्तार कर उत्पादन एवं उत्पादकता बढाने पर जोर दिया जावेगा।मेले के तकनिकी सत्र में कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमृतलाल बसेडिया एवं डॉ. नरेश गुप् ता द्वारा मिलेट उत् पादन तकनिकी जानकारी, प्रसंस्करण, मुल्य संवर्धन, विपणन, उन्नत बीज, मृदा परीक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती की विस्तृत जानकारी दी गई।

श्री एन. के. ताम्बे सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि सस्य वैज्ञानिक द्वारा जैविक खाद तैयार करने की विधि, दलहन उत्पादन को बढावा देने और मिलेट फसल कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा का रकबा कम से कम एक एकड़ में लगाने एवं प्राकृतिक तरिके से कीट नियंत्रण की विस्तृत जानकारी कृषकों को दी गई।कृषकों द्वारा लिये गये ज्ञान के आधार पर वैज्ञानिकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर कृषकों द्वारा दिया गया जिन्हे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, साथ ही कोरोमंडल कम्पनी के प्रदर्शिनी स्टॉल में कृषि मेले में नैनो डीएपी के लक्की ड्रॉ में अशोक भारमल ने जीता सोना भव्य कृषि मेले में आज उत्साह और तकनीक का संगम देखने को मिला कृषक को मुख्य अतिथि माननीय विधायक जी के कर कमलों द्वारा 1 ग्राम सोना पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया, ‘गोल्डन’ विजेता मेले में नैनो डीएपी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निकाली गई कोरोमंडल के प्रतिनिधि श्री कृष्ण चंद्र पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे।इसी प्रकार

आरएमपीसीएल कम्पनी के लक्की ड्रॉ में श्री सूरजसिंह जामसिंह ग्राम भिलखेडी वि.ख. सरदारपुर को भी उपहार प्रदान किया गया। कृषि मेले में फार्मटेक कम्पनी द्वारा लगाई गयी प्रदर्शिनी से कृषक श्री प्रताप रघुवंशी एवं श्री इरफान पटेल ग्राम बाग्लाबिल् लोद विकाखण्ड नालछा ट्रेक्टर खरीदा गया। साथ ही प्रदर्शिनी से ही नरवाई प्रबंधन के देशी पाटा यंत्र की 06 कृषकों द्वारा बुकींग की गई। जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा श्री ब्रजेन्द्र सिंह द्वारा मेले में उपस्थित कृषको को कृषि वैज्ञानिक द्वारा बतायी जा रही फसलो कि उन्नत तकनिक को अपनाकर फसलो के उत्पादन बढाने संबंधित जानकारी को अमल करने के संबंध में बताया गया। इसी प्रकार श्री रतनलाल पाटीदार जिला महामंत्री किसान मोर्चा द्वारा कृषकों को मिलेट क्यों जरूरी है, इसके लिए मेले में कृषि विभाग से जानकारी प्राप्त करने की बात कही।कृषि मेले में कृषि एवं संबंद्ध विभाग, उद्यानिकी, पशुपालन, मत् स् य पालन, कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि अभियांत्रिकी द्वारा उन्नत कृषि यंत्र, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, किसान उत्पादक संगठन, कृषि आदान विक्रेता, उर्वरक, बीज एवं किटनाशक कंपनी एवं डिलर, एन.जी.ओं. एकिकृत किट प्रबंधन संबंधि, एवं बायो एग्री इनपुट प्रोडक्ट संबंधि इस प्रकार कुल 80 से भी अधिक कृषि प्रदर्शिनी लगाई गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रो के लगभग 1750 से भी अधिक कृषक उपस्थित हुये। जिसका अवलोकन मुख्य अतिथि एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया।

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