धक श्रम उन्मूलन दिवस पर ईंट भट्टों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, श्रमिकों को योजनाओं, अधिकारों एवं कानूनों की दी गई जानकारी
जिले में बंधक श्रम कुप्रथा के उन्मूलन एवं श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को आरटीओ रोड स्थित ईंट भट्टों में बंधक श्रम उन्मूलन दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला विधिक साक्षरता अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से सहभागिता की गई।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा बंधक श्रम की परिभाषा, उससे संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों एवं बंधक श्रम कुप्रथा के उन्मूलन हेतु बनाए गए कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित संबल योजना 2.0 तथा निर्माण श्रमिकों हेतु भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण योजना के अंतर्गत पंजीयन की पात्रता एवं हितलाभों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बालक को नियोजित करने पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना एवं 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के अंतर्गत पात्रता की जानकारी देते हुए बताया गया कि योजना के तहत निर्धारित मासिक अंशदान (आयु के अनुसार) जमा करने पर 60 वर्ष की आयु के पश्चात न्यूनतम 3,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन का लाभ प्राप्त होता है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रमिकों ने योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रुचि दिखाई दी।