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प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दुगना करने के उ‌द्देश्य से ‘‘क्षीर धारा ग्राम योजना’’ प्रारंभ की

मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुरूप प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दुगना करने के महत्वाकांक्षी उ‌द्देश्य से प्रदेश के चयनित ग्रामों में नस्ल सुधार पशु पोषण एवं स्वास्थ्य के आधार पर विकसित करते हुए ग्रामों के मध्य आदर्श एवं प्रेरणाप्रद बनाये हुए ‘‘क्षीर धारा ग्राम योजना’’ प्रारंभ की गयी है। उक्त योजना तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित की जा कर योजना का प्रथम चरण का 30 जून 2026 अवधि तक संम्पन्न होगा। उप संचायत पशु चिकित्सा सेवाएं डॉं. राकेश सिसोदिया ने बताया कि इस योजना में ‘‘समृद्ध पशुपालक और समृद्ध वन सम्पदा’’ की अवधारणा पर पशुपालन विभाग तथा वन विभाग द्वारा विकास मांडल के तौर पर वन क्षेत्रों, अभ्यारण्यों, राष्ट्रीय उ‌द्यानों की पांच किलो मीटर परिधि में स्थित ग्रामों को क्षीर धारा ग्राम के रूप में विकसित किया जायेगा। क्षीर धारा ग्राम योजना अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा की सामुदायिक जागरूकता, स्व सहायता समूहों का आर्थिक उन्नयन, निराश्रित गौवंश प्रबंधन आदि हेतु पशु पालन विभाग को सहयोग के साथ ग्राम पंचायत के पदाधिकारी भी लक्षित ग्राम में अपना योगदान देते हुए व्यापक प्रचार प्रसार, कार्यशाला व ग्राम पंचायतों की मासिक बैठकों में स्थायी एजेंडे में सम्मिलित कर योजना में प्रगति की समीक्षा की जावेगी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के द्वारा क्षीर धारा ग्राम योजना अंतर्गत हरित चारा उत्पादन, प्राकृतिक खेती, जैविक खाद एवं बायो गैस प्रबंधन में विशेषज्ञता योजना में महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। ग्राम स्तरीय सहकारी समितियों एवं कृषि उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम उन्नत किस्म के हरित चारा बीज किट चयनित क्षीर धारा ग्राम योजना पशु पालकों को उपलब्ध कराये जाएंगे।

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