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बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान के द्वितीय चरण में सेवा प्रदाताओं को किया गया जागरूक किया

बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत द्वितीय चरण में सेवा प्रदाताओं को जागरूक करने हेतु विशेष गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री सुभाष जैन ने बताया कि अभियान के तहत जिले के समस्त गार्डन संचालकों, मंदिरों में पंडितों, गुरुद्वारों एवं चर्च में संबंधित धर्मगुरुओं से संपर्क कर बाल विवाह के आयोजन में किसी भी प्रकार से शामिल न होने हेतु शपथ दिलाई गई। इस दौरान सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी गई तथा यह भी बताया गया कि बाल विवाह के आयोजन अथवा उसमें सहयोग करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध क्या-क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह इस कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करे। श्री जैन ने अपील की है कि सभी सेवा प्रदाता बाल विवाह रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाएं एवं किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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