मध्य प्रदेश का पहला आईसीटी मेला धार में संपन्न: तकनीक आधारित शिक्षण से संवरेगी बच्चों की मेधा
धार जिले में आज शिक्षा और तकनीक के समन्वय का एक नया अध्याय जुड़ा। मुस्कान ड्रीम्स संस्था द्वारा राज्य शिक्षा केंद्र के सहयोग से मध्य प्रदेश का पहला आईसीटी (ICT) मेला सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। डाइट (DIET) धार में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
प्रमुख उपस्थिति एवं आयोजन
इस मेले के सफल संचालन में डाइट प्राचार्य श्री मनोज शुक्ला एवं डाइट प्रशिक्षण प्रभारी श्री कमल ठाकुर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री केशव वर्मा, जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रदीप खरे तथा मुस्कान ड्रीम्स के निदेशक (साझेदारी) श्री मनोज पचौरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का नेतृत्व राज्य प्रभारी सुश्री गुंजन शर्मा एवं मुस्कान ड्रीम्स की टीम द्वारा किया गया।
तकनीकी संवाद और नवाचार
आईसीटी मेले का प्राथमिक उद्देश्य जिले के उत्कृष्ट विद्यालयों को सम्मानित करना तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था।
पैनल चर्चा: कार्यक्रम में चार विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पैनल चर्चा में भाग लिया। उन्होंने साझा किया कि डिजिटल माध्यमों और एआई तकनीक ने उनकी पढ़ाई को न केवल सरल और रोचक बनाया है, बल्कि नई जानकारियों के द्वार भी खोले हैं।
भविष्य के लक्ष्य: मेले में आए विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर और सिविल सेवक बनकर देश सेवा करने का अपना संकल्प भी साझा किया।
आगामी सत्र के लिए विस्तार की घोषणा
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक चौधरी ने शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षण विद्यार्थियों की क्षमता में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी सत्र में मुस्कान ड्रीम्स की लर्निंग वीडियो सुविधा का विस्तार जिले के अन्य 150 आईसीटी विद्यालयों तक किया जाएगा।
जिलेभर की सहभागिता
इस मेले में धार जिले के सभी 13 विकासखंडों से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रत्येक विकासखंड से बीआरसी (BRC) समन्वयक और एमआईएस (MIS) समन्वयक उपस्थित रहे। जिले के लगभग 80 विद्यालयों से 150 शिक्षकों और प्रत्येक विकासखंड से चयनित विद्यार्थियों ने इस नवाचार का लाभ उठाया।
यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी सशक्तिकरण और डिजिटल साक्षरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।