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शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा एवं जल जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु आवश्यक निर्देश जारी

कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पेयजल आपूर्ति की नियमित समीक्षा करने तथा पेयजल गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए जल जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि नगर के समस्त वार्डों में नदी, तालाब, कुएं, ट्यूबवेल आदि स्रोतों से प्रदाय किए जा रहे पेयजल के नियमित सैंपल लेकर निर्धारित प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पानी पीने योग्य है। जल स्रोतों पर शुद्धिकरण एवं उपचार संबंधी की जा रही कार्यवाही का नियमित निरीक्षण करते हुए प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिन निकाय क्षेत्रों में नालियों के ऊपर या आसपास पेयजल पाइप लाइनें स्थित हैं, वहां अधीनस्थ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त न हो तथा किसी भी स्थिति में गंदा पानी पेयजल लाइन में न मिले। यदि ऐसी स्थिति पाई जाती है, तो तत्काल क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को दुरुस्त कर गंदे पानी की आपूर्ति पर रोक लगाई जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सीवर लाइन एवं जलप्रदाय लाइन एक साथ होने से जल जनित बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। अतः नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थिति में सीवर लाइन के आसपास वाटर सप्लाई लाइन न हो। साथ ही, प्रस्तावित नवीन निर्माण कार्यों में भी इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक नगरीय निकाय के पास सम्पूर्ण नगरीय क्षेत्र की वाटर सप्लाई पाइप लाइन नेटवर्क, घरेलू एवं व्यावसायिक जल कनेक्शनों का अद्यतन नक्शा उपलब्ध होना चाहिए तथा जलप्रदाय नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए। पेयजल पाइप लाइन से छेड़छाड़ या नुकसान पहुंचाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर दंडात्मक प्रावधान होने की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि निकाय क्षेत्र में स्थित समस्त शासकीय कार्यालयों, सामुदायिक भवनों, शैक्षणिक संस्थानों (शासकीय एवं निजी विद्यालय), आंगनवाड़ी भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, प्रमुख चौराहे, धार्मिक स्थल एवं धर्मशालाओं में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के मार्गदर्शन में दल गठित कर पेयजल परीक्षण की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाए। जल जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा संबंधित ब्लॉक मेडिकल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओपीडी अथवा डिस्पेंसरी में यदि किसी क्षेत्र विशेष से उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों के प्रकरण अधिक संख्या में सामने आते हैं, तो संबंधित जलप्रदाय विभाग एवं अनुविभागीय अधिकारी को तत्काल सूचित किया जाए। कलेक्टर ने निकाय क्षेत्र के समस्त वार्डों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने, नालियों की नियमित सफाई कराने तथा अतिक्रमण की स्थिति में राजस्व एवं पुलिस विभाग के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जलप्रदाय संयंत्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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