बसंत पंचमी आयोजन को लेकर प्रिंटिंग प्रेसों के लिए संयमित भाषा उपयोग संबंधी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी* *भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत आदेश
धार नगर साम्प्रदायिक दृष्टि से अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी उत्सव के अवसर पर धार जिला मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद परिसर में पारंपरिक रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। उक्त आयोजन के संबंध में जनसामान्य को आमंत्रित करने हेतु प्रिंटिंग प्रेसों के माध्यम से विज्ञापन, होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स, झण्डे एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री छपवाए जाने की संभावना है। आयोजन के दौरान नगर एवं आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में जनसमुदाय के एकत्रित होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, उत्तेजक अथवा साम्प्रदायिक भावना को भड़काने वाली सामग्री के प्रकाशन को रोका जाए, जिससे लोक-शांति, मानव जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा बनी रहे। इसलिए लोकहित एवं कानून-व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के उद्देश्य से अनुविभागीय दण्डाधिकारी, धार श्री राहुल गुप्ता द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के तहत धार नगर के सभी प्रिंटिंग प्रेस मालिक/प्रोप्रायटर यह सुनिश्चित करेंगे कि बसंत पंचमी आयोजन से संबंधित विज्ञापन, होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स, झण्डे एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री में संयमित एवं मर्यादित भाषा का ही उपयोग किया जाए। किसी भी धर्मावलंबी अथवा समुदाय के प्रति उत्तेजक, भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, उक्त आयोजन से संबंधित कोई भी प्रचार-प्रसार सामग्री मुद्रित करने की स्थिति में प्रत्येक सामग्री पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम, स्थान, संख्या तथा छपवाने वाले व्यक्ति का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। सामग्री मुद्रण के पश्चात संबंधित व्यक्ति को सुपुर्द करने से पूर्व एक-एक प्रति अनुविभागीय दण्डाधिकारी, धार को सौंपकर दिनांक सहित प्राप्ति रसीद प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार सामग्री छपवाने वाले व्यक्ति को भी जानकारी देकर प्राप्ति रसीद लेना आवश्यक होगा, तत्पश्चात ही प्रचार-प्रसार सामग्री का उपयोग किया जा सकेगा। यदि अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा किसी प्रचार-प्रसार सामग्री में परिवर्तन, परिवर्धन अथवा निरसन करने के निर्देश दिए जाते हैं, तो उनका पालन करना अनिवार्य होगा तथा पूर्व में छपी सामग्री को आदेशानुसार निराकृत किया जाएगा। यह आदेश वैवाहिक कार्यक्रमों हेतु छपाई जाने वाली पत्रिकाओं पर लागू नहीं होगा। उक्त शर्तों का उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को इस प्रतिबंधात्मक आदेश का दोषी माना जाएगा तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत वैधानिक दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है एवं तत्काल प्रभाव से लागू होकर 12 मार्च 2026 तक प्रभावशील रहेगा।