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मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजितएचपीवी टीकाकरण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन सहित स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा हेतु दिए आवश्यक निर्देश

कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक चौधरी द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
        बैठक में भारत सरकार द्वारा संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए स्कूलों एवं छात्रावासों के माध्यम से लक्षित बालिकाओं की पहचान कर सूची तैयार करने, अभिभावकों की सहमति (कंसेंट फॉर्म) सुनिश्चित करने तथा यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित कर वैक्सीन के लाभ एवं सुरक्षा के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए कहा गया।
       बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन, एएनसी (ANC) जांच, एनीमिया की स्थिति, संस्थागत डिलिवरी, मातृ मृत्यु दर, नवजात शिशुओं की देखभाल तथा शिशु मृत्यु दर जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
       इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की पहचान की समीक्षा की गई। बाकानेर ब्लॉक के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बीएमओ द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई, वहीं सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले तीन ब्लॉकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को डिलिवरी अपडेटेशन शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने तथा इम्युनाइजेशन के अंतर्गत जन्म के तुरंत बाद लगने वाली जीरो डोज वैक्सीन समय-सीमा में लगाने एवं उसकी तत्काल ऑनलाइन एंट्री करने के निर्देश दिए गए।
      बैठक में दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए विटामिन-ए सप्लीमेंटेशन एवं एनीमिया की स्थिति पर भी चर्चा की गई। निर्देश दिए गए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों की ब्लड प्रेशर और शुगर जांच अनिवार्य रूप से की जाए तथा उसकी रियल-टाइम एंट्री सुनिश्चित की जाए, ताकि हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार किया जा सके।
       इसके अलावा पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि उपचार के बाद बच्चों की स्वास्थ्य सुधार दर 90 प्रतिशत से कम न रहे। बैठक में सिकल सेल रोग, टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग, एक्स-रे जांच तथा पोषण बास्केट की व्यवस्था की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
       बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए हीट वेव (अत्यधिक गर्मी) से बचाव की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन यूनिट स्थापित कर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके अंतर्गत अस्पतालों में आवश्यक बेड आरक्षित रखने, आई.वी. फ्लूड, ओआरएस, आवश्यक दवाइयों, कूलिंग उपकरण, आइस पैक, पंखे एवं कूलर जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही हीट रिलेटेड इलनेस के मामलों की निगरानी के लिए पोर्टल पर नियमित डेटा रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए।
      इसके अलावा अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जांच, ठंडे पेयजल की व्यवस्था तथा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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