जिला जेल धार में मोबाइल जप्ती की कार्यवाही संबंध समाचार की वस्तुस्थिति
जिला जेल धार में 13 मार्च 2026 को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर की गई आकस्मिक तलाशी कार्यवाही में एक विचाराधीन बंदी के पास से मोबाइल फोन जप्त किया गया। इस संबंध में जेल प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विभिन्न माध्यमों में प्रसारित की जा रही खबरें भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं।जेल अधीक्षक द्वारा बताया गया कि 12 मार्च 2026 की सायंकाल एक बंदी द्वारा सूचना दी गई कि विचाराधीन बंदी सुनिल पिता संतोष के पास मोबाइल फोन है, जिसका वह उपयोग कर रहा है। उक्त सूचना के आधार पर 13 मार्च 2026 को प्रातः आकस्मिक तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें वार्ड क्रमांक 01, बैरक क्रमांक 03 से मोबाइल फोन जप्त किया गया।इस प्रकरण में बंदी सुनिल एवं अन्य के विरुद्ध थाना कोतवाली धार में अपराध क्रमांक 159/2026 के तहत धारा 318(4) बी.एन.एस. एवं कारागार अधिनियम 1894 की धारा 42 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया है। साथ ही वरिष्ठ कार्यालयों को सूचित करते हुए बंदी के स्थानांतरण हेतु सक्षम न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर प्रस्ताव जेल मुख्यालय भोपाल भेजा गया है।जेल अभिलेखों के अनुसार, बंदी सुधीर पिता शांतीलाल जैन 02 मार्च 2026 को न्यायालय के वारंट के आधार पर जेल में प्रवेश हुआ है तथा उसे बंदी सुनिल से पृथक रखा गया है। दोनों के बीच किसी प्रकार का संपर्क नहीं पाया गया है।मोबाइल जप्ती के बाद उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित मोबाइल की लोकेशन 04 फरवरी 2026 से जेल परिसर स्थित दशहरा मैदान टॉवर क्षेत्र में ही पाई गई है। इससे स्पष्ट है कि उक्त मोबाइल का बंदी सुधीर जैन से कोई संबंध नहीं है।विभिन्न माध्यमों में यह भी जानकारी में आया हैं कि बंदी सुधीर जैन को विशेष सुविधाएं जैसे बाहरी भोजन, मिठाई आदि उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो पूर्णतः निराधार हैं। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बंदी सुधीर जैन द्वारा धार्मिक कारणों से बिना लहसून एवं प्याज का भोजन करने का निवेदन किया गया था, जिस पर नियमानुसार जेल में ही पृथक रूप से ऐसा भोजन तैयार कर उपलब्ध कराया जा रहा है। अंत में जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि समस्त कार्यवाही नियमानुसार एवं पारदर्शी तरीके से की गई है।